Brief Notes from Yajyen – June 25, 2020

ओ३म् सोमापूषणा जनना रयीणां जनना दिवो जनना पृथिव्याः।  जातौ विश्वस्य भुवनस्य गोपौ देवा अकृण्वन्नमृतस्य नाभिम्॥ (ऋग्वेद मंत्र २/४०/१) जो ज्ञान है इसको आप सुनेI मनुष्य को प्रकाश, पृथिवी और धन और भी बहुत कुछ चाहिएI पृथिवी,  प्रकाश और धन आदि की रक्षा हो इसलिए...

Brief Notes from Yajyen – June 24, 2020

भगवान ने इन मंत्रों में इंजीनियरिंग का ज्ञान दिया हैI  इनमें कहा है कि अच्छे-अच्छे यान बनाओ जैसे हवाई जहाज आदिI  यह अग्नि और जल से चलेंI  वेद अनादि हैंI  आज जितने भी हवाई जहाज,  कार,  पानी के जहाज यह सब हवा पानी और बिजली से ही चलते...

Brief Notes from Yajyen – June 23, 2020

ओ३म् तुभ्यं हिन्वानो वसिष्ट गा अपोऽधुक्षन्त्सीमविभिरद्रिभिर्नरः।  पिबेन्द्र स्वाहा प्रहुतं वषट्कृतं होत्रादा सोमं प्रथमो य ईशिषे॥ (ऋग्वेद मंत्र २/३६/१) हम चाहे गरीब घर में पैदा हो चाहे अमीर घर में,  हमें आध्यात्मिक उन्नति करके गरीबी-अमीरी का फर्क मिटाना...

Questions & Answers – June 23, 2020

Aditya: Pranam Guruji. Is there anything mentioned in vedas regarding solar or lunar eclipse ? Like its significance or any do’s & dont’s. Because people normally say that we should not eat anything or have to take a bath after the eclipse, etc. Is...

Brief Notes from Yajyen – June 22, 2020

अन्न दान कितना महान है। यह चलता रहे।  जितने भी यहाँ आए वह भोजन करके जाएं। जो ना आ सके उनके लिए भी लेकर जाएँ।  जो दूर रहते हैं उनके लिए घर भी ले जाओ। ओ३म् धारावरा मरुतो धृष्ण्वोजसो मृगा न भीमास्तविषीभिरर्चिनः।  अग्नयो न शुशुचाना ऋजीषिणो भृमिं धमन्तो अप...

Questions & Answers – June 22, 2020

Anonymous: Dear Guruji, Aapke charnno mein koti koti pranam. I wanted to ask, is your it fair that disciples ask their Guru for his blessings for their progress and betterment even when they know that he is unwell and under medication? Should it not be the other way...

Brief Notes from Yajyen – June 20, 2020

सभी शिष्यों को रिटायरमेंट के बाद विद्या के प्रसार करने की कोशिश करनी चाहिएI  आज्ञा यह है कि ६० साल के बाद ईश्वर और गुरु को आयु दे दोI  अभी भी दे दोI  ऋषि के चरणों में जो हैं  वे भगवान की गोद में बैठे हैंI  जब आप साधना करते हो तभी आप उसकी गोद...

Brief Notes from Yajyen – June 19, 2020

इस मंत्र का भाव है कि जैसे  जैसे पहले जमाने में  राजा चारों वेदों के ज्ञाता होते थे और प्रजा के लिए  प्रबंध भी करते थे और खुद भी उपदेश करते थेI उपनिषद में सच्ची कथा आती है कि एक ब्राह्मण के घर में अग्नि खत्म हो गईI जैसे वाल्मीकि रामायण  में आया कि न निरग्निः – ...

सृष्टि एवं वेदों की उत्पत्ति एवं आज का विज्ञान

स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य, वेद मन्दिर, योल आज विज्ञान चहुमुँखी उन्नति की ओर अग्रसर है। आकाश, समुद्र एवं पृथ्वी पर उसका राज्य सा विद्यमान है। यह एक प्रसन्नता का विषय है। यजुर्वेद मंत्र 40/41 में ईश्वर ने स्पष्ट किया है कि मनुष्य भौतिक उन्नति (विज्ञान) एवं...

Win over the cycle of birth and death

By Swami Ram Swarupji, Yogacharya Birth, thereafter death; after death, rebirth based on pious or unpious deeds, this is an eternal and everlasting Prakriti made cycle. You see, if sun does not rise, naturally, the day will be covered with intense darkness. Knowledge...