Brief Notes from Yajyen – July 08, 2020

यज्ञ का पूरे विश्व को लाभ है।  जिन्होंने यज्ञ रखा है उनको और भी ज्यादा लाभ है। अथर्ववेद में यह ज्ञान दिया गया है कि जो यज्ञ की दक्षिणा नहीं देता उसका यज्ञ कराने का और आहुतियों  का पुण्य खत्म हो जाता है।  मेरा कोई ऐसा बेटा-बेटी नहीं है जो दक्षिणा नहीं देता है। इसलिए...

Brief Notes from Yajyen – July 04, 2020

यह बड़ा सुंदर ज्ञान है।  जो विद्वान होते हैं,  सब का पालन करते हैं और सारे संसार में पूजनीय होकर सत्कर्म करते हैं।  आप लोग विचार करें और मैं भी विचार करता हूं कि तीसरे मंडल में भी ज्यादातर विद्वान के ही गुण चल रहे हैं।  अगर विद्वान नहीं होंगे तो...

Brief Notes from Yajyen – July 03, 2020

ऋषियों की उत्तम अवस्था के दर्शन से कई जन्मों के पाप मिट जाते हैं।  ओ३म् उतो पितृभ्यां प्रविदानु घोषं महो महद्भ्यामनयन्त शूषम्।  उक्षा ह यत्र परि धानमक्तोरनु स्वं धाम जरितुर्ववक्ष॥ (ऋग्वेद मंत्र ३/७/६) हे मनुष्य! जैसे यह ब्रह्मचारी लोग अपने आचार्य की सेवा...

Brief Notes from Yajyen – July 02, 2020

गायत्री मंत्र को बोलने में आलस्य नहीं होना चाहिए,  जितनी बार भी बोला जाता है।  ईश्वर सभी  को सुनता है इसलिए इसको भी सुनता है।  जिस दिन कर्मों के हिसाब से इस गायत्री मंत्र की प्रार्थना को स्वीकार कर देगा तो आलोकिक बुद्धि हो जाएगी।  यही तो इसमें...

Brief Notes from Yajyen – July 01, 2020

ईश्वर से यह प्रार्थना है कि वह यज्ञ को पूर्ण करें।  संसार को तो मैं कब का त्याग चुका हूँI बस, धर्माचरण हैI  शिष्यों की देखभाल करनी हैI बरसों से हम अंदर ही हैंI पहले भी केवल यज्ञ के लिए ही बाहर आते थेI ओ३म् आ याह्यग्ने समिधानो अर्वाङिन्द्रेण देवैः सरथं तुरेभिः। ...