ईश्वर की उपासना

स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य, वेद मंदिर (योल) (www.vedmandir.com) ओ३म् उत स्वया तन्वा३ सं वेद तत्कदान्वंतर्वरुणे भुवानि । किं मे हव्यमहृणानो जुषेत कदा मृळीकं सुमना अभि ख्यम् ॥ ऋग्वेद (७/८६/२) मंत्र में परमेश्वर की उपासना का प्रकार का वर्णन किया गया है। (उत) अथवा...

पाप नष्ट होने पर ही ईश्वर प्राप्ति संभव है

स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य, वेद मंदिर (योल) (www.vedmandir.com) पृच्छे तदेनो वरुण दिदृक्षूपो एमि चिकितुषो विपृच्छम्। समानमिन्मे कवयश्चिदाहुरयं ह तुभ्यं वरुणो हृणीते॥ (ऋग्वेद ७/८६/३) (वरुण) हे परमात्मा! (पृच्छे) मैं आप से पूछता हूँ कि (तत्) वह (एनः) पाप कौन से हैं...

Brief Notes from Yajyen – May 04, 2020 (Evening) – In Hindi

ऊतय: का अर्थ आप सबको पता है कि ‘रक्षा’ है। आजकल ऐसे मन्त्रों की आहुति बहुत ज़रूरी है। ईश्वर पूरी दुनिया की रक्षा करें, भारत की भी। कोरोना से घबराने की ज़रूरत नहीं है। आप अग्निहोत्र करते रहें, ईश्वर रक्षा करेगा और भारतवर्ष पे भी कृपा है। मैं विश्व के कल्याण के लिया भी...

परमात्मा की उपासना से मनुष्य जीवन की पवित्रता

स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य, वेद मंदिर (योल) (www.vedmandir.com) ओ३म् धीरा त्वस्य महिना जनूंषि वि यस्तस्तम्भ रोदसी चिदुर्वी ।  प्र नाकमृष्वं नुनुदे बृहन्तं द्विता नक्षत्रं पप्रथच्च भूम ॥ (ऋग्वेद ७/८६/१) (यः) जो परमात्मा (वि) अच्छी तरह (रोदसी) द्युलोक (चित्) और...

सूर्य ईश्वर का भी नाम है

स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य, वेद मंदिर (योल) (www.vedmandir.com) उत्सूर्या बृहदर्चींष्यश्रेत्पुरु विश्वा जनिम मानुषाणाम् । समो दिवा ददृशे रोचमान: क्रत्वा कृतः सुकृतः कर्तृभिर्भूत् ॥ (ऋग्वेद ७/६२/१) (सूर्य:) सब संसार के उत्पादक परमात्मा का (बृहत् अर्चींषी) बड़ी...