Brief Notes from Yajyen – June 26, 2020

वेद अनंत ज्ञान के भंडार हैं।  कल किसी चीज का वर्णन था, आज किसी और चीज का वर्णन चल रहा है।   ओ३म् विश्वे देवास आ गत शृणुता म इमं हवम्। एदं बर्हिर्नि षीदत॥ (ऋग्वेद मंत्र २/४१/१३) जो विद्यार्थी विद्वान् से पढ़ते हैं, वे विद्वानों से यह कहे कि हे आचार्य! आप...

Brief Notes from Yajyen – June 24, 2020

भगवान ने इन मंत्रों में इंजीनियरिंग का ज्ञान दिया हैI  इनमें कहा है कि अच्छे-अच्छे यान बनाओ जैसे हवाई जहाज आदिI  यह अग्नि और जल से चलेंI  वेद अनादि हैंI  आज जितने भी हवाई जहाज,  कार,  पानी के जहाज यह सब हवा पानी और बिजली से ही चलते...

Brief Notes from Yajyen – June 23, 2020

ओ३म् तुभ्यं हिन्वानो वसिष्ट गा अपोऽधुक्षन्त्सीमविभिरद्रिभिर्नरः।  पिबेन्द्र स्वाहा प्रहुतं वषट्कृतं होत्रादा सोमं प्रथमो य ईशिषे॥ (ऋग्वेद मंत्र २/३६/१) हम चाहे गरीब घर में पैदा हो चाहे अमीर घर में,  हमें आध्यात्मिक उन्नति करके गरीबी-अमीरी का फर्क मिटाना...

Brief Notes from Yajyen – June 22, 2020

अन्न दान कितना महान है। यह चलता रहे।  जितने भी यहाँ आए वह भोजन करके जाएं। जो ना आ सके उनके लिए भी लेकर जाएँ।  जो दूर रहते हैं उनके लिए घर भी ले जाओ। ओ३म् धारावरा मरुतो धृष्ण्वोजसो मृगा न भीमास्तविषीभिरर्चिनः।  अग्नयो न शुशुचाना ऋजीषिणो भृमिं धमन्तो अप...

Brief Notes from Yajyen – June 20, 2020

सभी शिष्यों को रिटायरमेंट के बाद विद्या के प्रसार करने की कोशिश करनी चाहिएI  आज्ञा यह है कि ६० साल के बाद ईश्वर और गुरु को आयु दे दोI  अभी भी दे दोI  ऋषि के चरणों में जो हैं  वे भगवान की गोद में बैठे हैंI  जब आप साधना करते हो तभी आप उसकी गोद...