Brief Notes from Yajyen – August 31, 2020

जो भी यज्ञ करता है उसको ईश्वर सारे सुख देता है। इसलिए ईश्वर ने यह प्रार्थना बनाई है कि हे मनुष्य! मुझसे रोज प्रार्थना करो कि – हे प्रभु! हमें यज्ञ की प्रेरणा दे।  भगवान ने कहा कि यज्ञ से श्रेष्ठ कर और कुछ भी नहीं है। हर चीज से,  हर पल से,   बड़े ऊंचे ऊंचे पद के...

Brief Notes from Yajyen – July 19, 2020

ओ३म् एतास्ते अग्रे समिधस्त्वमिद्धः समिद्भव।  अयुरस्मासु धेह्य्म्रितत्व्माचर्याय। (अथर्ववेद मंत्र १९/६४/४) यह आचार्य के लिए निरोगता और आयु बढ़ाने वाला मंत्र है।  इसका अर्थ है कि ध्यान, धर्माचरण,  आचार्य की आयु और निरोगता बड़े।  इस मंत्र का यह भी भाव...

Brief Notes from Yajyen – June 19, 2020

इस मंत्र का भाव है कि जैसे  जैसे पहले जमाने में  राजा चारों वेदों के ज्ञाता होते थे और प्रजा के लिए  प्रबंध भी करते थे और खुद भी उपदेश करते थेI उपनिषद में सच्ची कथा आती है कि एक ब्राह्मण के घर में अग्नि खत्म हो गईI जैसे वाल्मीकि रामायण  में आया कि न निरग्निः – ...

Brief Notes from Yajyen – June 05, 2020 (in Hindi)

आज पूर्णिमा का शुभ दिन हैI  अमावस्या और पूर्णिमा ईश्वर के विशेष दिन हैंI  हर दिन में सुख हैं पर इसमें कुछ विशेष हैंI घर में भी अगर आप गुरु के ज्ञान को सुनोगे (mixlr, आदि द्वारा) तो भी उद्धार हो जाता हैI  गुरु के दरबार में आकर आहुति डालने वाले का तो कल्याण ही कल्याण...

Brief Notes from Yajyen – June 04, 2020 (in Hindi)

जीव यज्ञ कर करके लंबी आयु प्राप्त करें। यज्ञ से ही पिछले जन्म के कर्मों और इस जन्म के कर्मों  का नाश होता है। दुनिया में ईश्वर ने कोई और रास्ता नहीं बनाया है। यज्ञ से ही अष्टांग योग विद्या सिद्ध होगी।  केवल योगाभ्यास करने वाले तो आज अरेस्ट हो रहे हैं।  योगाभ्यास का...