Brief Notes from Yajyen – December 20, 2022

Swami Ram Swarupji conducted the Yajyen on December 20, 2022. Here is the brief summary of his preach: श्रीश्च॑ ते ल॒क्ष्मीश्च॒ पत्न्या॑वहोरा॒त्रे पा॒र्श्वे नक्ष॑त्राणि रू॒पम॒श्विनौ॒ व्यात्त॑म्। इ॒ष्णन्नि॑षाणा॒मुं म॑ऽइषाण सर्वलो॒कं म॑ऽइषाण ॥ (यजुर्वेद मंत्र –...

सृष्टि का प्रथम गुरु

स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य, वेद मंदिर (योल) (www.vedmandir.com) स एषः पूर्वेषामपि गुरुः कालेनानवच्छेदात् (पातञ्जल योग दर्शन १/२६) अर्थात् ईश्वर ही हमारे पूर्वजों का प्रथम गुरु है क्योंकि ईश्वर को मृत्यु नहीं आती। यहाँ यह विचारणीय है कि जब महाप्रलय में यह तीनों...

Questions & Answers – July 28, 2020

DSS: गुरुजी को मेरा दंडोत्वत चरण स्पर्श। स्वामी जी मैं आपका तहेदिल से स्वागत करता हूँ और आपको ही विश्व का चक्रवर्ती राजा मानता हूँ क्योंकि राजा में आप जैसे गुण होने चाहिए। वो आज देखने को दूर-दूर तक नहीं मिलते। यदि किसी नेता से अगर बात होती है वेदों के प्रचार वास्ते तो...

जीव ईश्वर से अपने कल्याण की प्रार्थना करता है

स्वामी राम स्वरूप जी, योगाचार्य, वेद मंदिर (योल) (www.vedmandir.com) ओ३म् अरं दासो न मीळ्हुषे कराण्यहं देवाय भूर्णयेऽनागाः।  अचेतयदचितो देवो अर्यो गृत्सं राये कवितरो जुनाति ॥ (ऋग्वेद ७/८६/७) (अहं) मैं (अनागाः) निष्पाप होकर (देवाय) परमात्मदेव के लिए (दासः न) दास...