Anupam: सादर प्रणाम गुरुजी।मैं आपकी नई पुस्तक divine preach of vedas मंगवाना चाहती हूं।गुरुजी मन में एक प्रश्न आता है कि पूर्व में जो समाधिस्त हुए जैसे वशिष्ट मुनि,व्यासमुनि,कृष्ण भगवान,राम भगवान आदि क्या इनकी मुक्त आत्माएं लोगो द्वारा इनका ध्यान करने या चिंतन करने से प्रसन्न होती होंगी।फलस्वरूप क्या वे शरीर धारी लोगों पर अपनी कृपा बरसाते होंगे या यहां भी वही सत्य लागू होगा कि इन सब की मुक्त आत्माएं भी वेदमार्ग पर चलने वालो पर अपनी कृपा दृष्टि बरसाती होंगी।

Swami Ramswarup: Mera aapko ashirwad, beti. Rigved mein spashta hai ki jeevit guru chahiye. Jo sharer chchodkar chale gaye hain, weh nahi. Jeevit guru agley paanch janamon tak apne deeksha diye hue shishya-shishyaon kee ved marg par chalne ke liye sahaytaa karta hai, anya kee nahi. Mukta aatmayein Yajyen mein avashya aa jaatee hain.