श्री अब्दुल रहीम कुरैशी ने किताब में जो यह लिखा है कि श्री राम का जन्म अयोध्या में नहीं हुआ अपितु हरियाणा, पंजाब, या फिर पाकिस्तान अथवा अफ़ग़ानिस्तान में हुआ, यह पूर्णतः असत्य विचार है।

प्रथम तो श्री कुरैशी को ही भ्रम है कि श्री राम का जन्म निश्चित रूप से कहाँ हुआ क्योंकि वह ऊपर कहे चार स्थान पेश कर रहे हैं। अतः उनका कहना अप्रमाणिक है।

भारतीय संस्कृति में ऋषि यह कह रहे हैं – मनुष्याः अनृतम् वदन्ति अर्थात मनुस्य झूठ बोलते हैं और देवाः ऋतम वदन्ति अर्थात वेदों के विद्वान ऋषि मुनि सत्या बोलते हैं। अतः वाल्मीकि ऋषि ने जो सत्य वाल्मीकि रामायण बालकांड सर्ग 4, 6, 7, 8 में कहा है वह यह कहा है कि अयोध्या नगरी में वेद ज्ञाता, दशरथ राजा, प्रजा का पालन करते थे। ऐसे धर्मज्ञ राजा के कोई संतान नहीं थी। ऋषि श्रंग के आशीर्वाद से श्री राम सहित चारों पुत्रों ने अयोध्या में जन्म लिया।
वाल्मीकि जी के कथन को विश्व में कोई भी असत्य साबित नहीं कर सकता। ऋषि ने पुनः कहा – कौशल्या जनयत रामम् अर्थात कौशल्या ने राम को जन्म दिया।

स्वामी रामस्वरूपजी, योगाचार्य
वेद मंदिर, यौल केंप
कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
पिन: 176052

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